बाजीराव पेशवा
उमाशंकर द्वारा लिखित
रिव्यू –
बाजीराव पेशवा एक ऐसा नाम जिन्होंने अपने पराक्रम से मराठा राज्य की ताकत बढाई | बाजीराव पेशवा का नाम जब भी सुनते है तब उनके नाम के साथ मस्तानी का नाम अनायास ही हमारे जुबान पर आ जाता है | छोटी सी उम्र मे उन्होंने बहुत सारी लड़ाइयाँ लड़ी और वह सारी जीती लेकिन यही पराक्रमी वीर जंग के मैदान मे दुश्मनों से लोहा लेनेवाले गृहकलह से जीत नहीं पाए | महान इंसान भी इसका अपवाद नहीं होते , चाहे वह छत्रपती शिवाजी महाराज हो , बाजीराव पेशवा हो या फिर महाराणा प्रताप हो .. | किताब मे लिखी जानकारी , इतिहासकारों की जानकारी पर आधारित है | बाजीराव और उनकी दोंनो पत्नियों की कहानी बताने वाली इस किताब के –
लेखक है – उमाशंकर
प्रकाशक है – उमेश प्रकाशन
पृष्ठ संख्या – 88
उपलब्ध – फ्री पीडीएफ़ के रूप मे गूगल पर सर्च कर सकते है |
सारांश –
मस्तानी एक तवायफ़ की बेटी थी जो नाच – गाना कर के अपना जीवन यापन करती थी | वह शिकार और घुड़सवारी करने मे निपुण थी | यह चीजे प्रायः लड़को के लिए हुआ करती थी | उसके इन गुणों के कारण पुणे वालों को उस पर बड़ा नाज था | बाजीराव पेशवा का तब पुणे आना – जाना लगा रहता था क्योंकी पुणे उनकी जागीर का ही एक भाग था | एक बार जब वह पुणे मे रहे तो पुने के लोगों ने उनके लिए शिकार पर जाने का इंतजाम किया | उनके साथ शिकार पर जाने वाले लोगों मे मस्तानी भी लड़कों का वेश बनाकर जाने लगी | ऐसे मे उसे बाजीराव को पास से जानने का मौका मिला | उसे बाजीराव से प्यार हो गया | जब बाजीराव पेशवा का शनिवार वाडा बनकर तैयार हो गया तब एक उत्सव मनाया गया | उसमे मस्तानी ने नाच गाना किया | तब बाजीराव उसे पहेचान गए | अब बाजीराव को मस्तानी से प्यार हो गया | बाजीराव ने मस्तानी से शादी करने का फैसला किया | उसके बाद क्या -क्या हुआ ? यह बहुत सारे लोगों ने पढ़ा ही है अगर नहीं जानते है तो यह किताब जरूर पढिए | बाजीराव – मस्तानी फिल्म मे मस्तानी जिस राजा की बेटी दिखायी थी | वह असल मे उस राजा की बेटी नहीं थी | वह राजा , शिवाजी महाराज को बहुत मानते थे | अपने जमाने मे ताकतवर राजाओ मे गिने जाने वाले महाराज को बुढ़ापे मे बाजीराव को मदद लेनी पड़ी | बाजीराव ने जंग जीतकर उनका राज्य बचाया | इसके उपलक्ष्य मे उन बुन्देलखंडी राजा ने बाजीराओ को अपना बेटा मानकर , अपना आधा राज्य उनके नाम कर दिया |
बहेरहाल , काशीबाई के मत्सर ने मस्तानी और बाजीराव की जान ले ली | इसके लिए कौन – सी परिस्थितियाँ जिम्मेदार थी | यह जानने के लिए आप किताब जरुर पढे |
धन्यवाद !
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